भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 160वीं जयंती के अवसर पर लाला लाजपतराय विकास समिति द्वारा एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लाजपत नगर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर कांग्रेसजनों द्वारा माल्यार्पण किया गया, जिसमें कई गणमान्य नेताओं और समाजसेवियों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक पंडित भूधर नारायण मिश्र ने कहा कि लाला लाजपत राय न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा थे, बल्कि वे समाज सुधारक, शिक्षाविद और आर्य समाज के सक्रिय सदस्य भी थे। उन्होंने कहा कि लाला जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
ब्रिटिश दमन के खिलाफ वीरता का प्रतीक थे लाला लाजपत राय
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने लाला लाजपत राय के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने साइमन कमीशन के विरोध में जोरदार आंदोलन किया। इस दौरान ब्रिटिश पुलिस द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और 17 नवंबर, 1928 को अपने प्राण त्याग दिए। उन्होंने कहा कि उनकी यह शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रेरणास्रोत बनी।
कार्यक्रम का भव्य आयोजन और श्रद्धांजलि अर्पण
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन दीपक धवन ने किया। सभा में शहर के कई वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। श्यामदेव सिंह, विजय नारायण शुक्ला (पूर्व पार्षद), राजेश सिंह पप्पी (पूर्व पार्षद), एके शुक्ला, आदित्य चौबे, सर्वेश पांडेय, प्रदीप द्विवेदी, डॉ. प्रभात मिश्र, अवध किशोर द्विवेदी, अजय श्रीवास्तव, वैभव मिश्र, जितेंद्र गिरी, दिनेश दीक्षित, राज कुमार पाल, कृष्ण मोहन सोनकर, ओपी श्रीवास्तव, राकेश शुक्ला, दिनेश त्रिवेदी और महेंद्र मिश्रा समेत अनेक लोगों ने लाला लाजपत राय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
लाला लाजपत राय का योगदान हमेशा रहेगा अमर
सभा में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश के युवाओं को लाला लाजपत राय के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों के आदर्शों को अपनाकर ही हम एक समृद्ध और सशक्त भारत की कल्पना को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने लाला लाजपत राय अमर रहें! के नारों के साथ देशभक्ति की भावना को प्रकट किया और उनके सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लिया।